(SRAJAN-----E-Magazine ) Life is a Great Gift to live happily.Let this happiness be shared to enjoy the Living in this beautiful World or " Vasudheb Kutumbkum." Let the Knowledge come to US from all the directions.Rights reserved
Friday, 18 August 2017
Srajan (E-Magazine): 652--Jeevanpath
Srajan (E-Magazine): 652--Jeevanpath: The Conflict balances the world, This need to be a miniature Co-operation makes the world to move This is in the law of Nature ...
652--Jeevanpath
The
Conflict balances the world,
This
need to be a miniature
Co-operation
makes the world to move
This
is in the law of Nature
136
If
you are good for nothing,
None
shall make your life at peace
The
Goodness is to be protected
Badness
ever and always tease
137
Live
the life to the fullest
Make
it worthy for others too
History
remember Only the Heroes
Why
don’t you ,Arjun, see
138
Live life like this ,
Everybody
feels proud
Even
if Dead in the battle
History
sheds tears on the shroud
139
Golden
letters will find a place,
Poets
shall sing a song of you
Tears
running narrate the attachment
Parth,
Time singing passes through
140
to be continued by
Archna Raj
Thursday, 17 August 2017
651---विडंबना
*****001********
हमारे देश की बड़ी विडंबना हैकि हम अपने ही विश्वासऔर विषयों की तरफध्यान न देकरउन बातों पर ज्यादा जोर देते हैं जो विदेशियों द्वारा हमारे बारे में कही गई होती हैं अक्सर हम उन्हें सही मान लेते हैं चाहे उसके अंदर कितने ही षड्यंत्रकारी विचारधारा या स्वार्थिक उद्देश्य क्यों न छिपे हो या संबंधित का निहित स्वार्थ क्यों न हो ,ऐसा लगता है कि हमारा मनोभाव ,हमारी विचारधारा सबको एक दिशा में मोड़ दिया गया है और हम चाहे अपनी कितनी ही बातें सच्ची हो ,उन पर विश्वास करने के लिए तैयार नहीं होते, जो विदेशी कह देते हैं अक्सर वही हम विश्वास के योग्य मान लेते हैं और उन्हीं पर चलने की अपने को, दूसरों को सलाह देते हैं जबकि वास्तविकता न तो हम समझ पाते हैं और इससे दूर ही ज्यादा रहती है उदाहरण के लिए इनमें एक विषय है ज्योतिष---जिसे हम बड़ी ही कुदृष्टि से देखते हैं और ऐसा लगता है कि जैसे यह कुछ गलत हो या हमारे जीवन में इसकी कोई उपयोगिता ना हो ,वास्तविकता तो यही है कि ज्योतिष महज एक सलाह है और सही सलाह सही समय पर जब मिलती है तो हम अपने जीवन की सार्थकता सिद्ध- सफलतापूर्वक कर लेते हैं दूसरे पहलू पर अगर हम नजरडालें तो हम पाएंगे कि ओशो जैसे विद्वान एवं दार्शनिक ने भी इसे महज बकवास कहा है और आज तरुण सागर महाराज जी तो यह कहते हैं कि अगर घर में शांति चाहिए तो ज्योतिषियों तांत्रिकों कभी घर में अंदर घुसने न देना,यह इसलिए भी संभव है क्योंकि कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ पूर्ती के लिए विषय को बकवास के रुप में प्रस्तुत किया है और उनका महज उद्देश्य धन कमाना होता है उदाहरण के लिए एक टेलीफोन मैंने TV चैनल के ज्योतिष प्रोग्राम प्रस्तोता के यहां किया और मैंने उनसे टाइम लेने की कोशिश की है मुझे जानकर बड़ा आश्चर्य हुआ कि उन्होंने मिलने के लिए और 10 मिनट देने के लिए ₹15000 एडवांस में जमा करने के लिए कहा, अब हम अंदाजा लगा सकते हैं कि जो विद्या हमारे महापुरूषों ने महज समाज की भलाई के लिए बनाई हो उसका हम आज के युग में किस तरह से दुरुपयोग कर रहे हैं यही कारण है कि समाज का इस विषय पर विश्वास ही लगभग उठता चला जा रहा है इस विषय पर मेरे कुछ रोमांचकारी अनुभव रहे हैं उन्हें आपके साथ आने वाले दिनों में शेयर कर के देखेंगे कि क्या यह विषय केवल बकवास है या इसमें कुछ ना कुछ रहस्य हैक्योंकि दुनिया जैसा की कवियों ने कहा है कि रहस्यमई दुनिया है जिसकी प्याज की परतों की तरह एक दूसरे की परत हटती जाती है और हम को नई और सुंदर चीजें देखने को मिलती है तो आइए चलिए एक नए सफर पर अपने अनुभव एक दूसरे से बांटते हुए और देखें कुछ ना कुछ तो अवश्य जो हमारे महापुरूषों ने एक विद्या को हमारे समक्ष रखा और वेस्ट आज भी कहता है कि this is a gift to the world by India.
Archna Raj.
हमारे देश की बड़ी विडंबना हैकि हम अपने ही विश्वासऔर विषयों की तरफध्यान न देकरउन बातों पर ज्यादा जोर देते हैं जो विदेशियों द्वारा हमारे बारे में कही गई होती हैं अक्सर हम उन्हें सही मान लेते हैं चाहे उसके अंदर कितने ही षड्यंत्रकारी विचारधारा या स्वार्थिक उद्देश्य क्यों न छिपे हो या संबंधित का निहित स्वार्थ क्यों न हो ,ऐसा लगता है कि हमारा मनोभाव ,हमारी विचारधारा सबको एक दिशा में मोड़ दिया गया है और हम चाहे अपनी कितनी ही बातें सच्ची हो ,उन पर विश्वास करने के लिए तैयार नहीं होते, जो विदेशी कह देते हैं अक्सर वही हम विश्वास के योग्य मान लेते हैं और उन्हीं पर चलने की अपने को, दूसरों को सलाह देते हैं जबकि वास्तविकता न तो हम समझ पाते हैं और इससे दूर ही ज्यादा रहती है उदाहरण के लिए इनमें एक विषय है ज्योतिष---जिसे हम बड़ी ही कुदृष्टि से देखते हैं और ऐसा लगता है कि जैसे यह कुछ गलत हो या हमारे जीवन में इसकी कोई उपयोगिता ना हो ,वास्तविकता तो यही है कि ज्योतिष महज एक सलाह है और सही सलाह सही समय पर जब मिलती है तो हम अपने जीवन की सार्थकता सिद्ध- सफलतापूर्वक कर लेते हैं दूसरे पहलू पर अगर हम नजरडालें तो हम पाएंगे कि ओशो जैसे विद्वान एवं दार्शनिक ने भी इसे महज बकवास कहा है और आज तरुण सागर महाराज जी तो यह कहते हैं कि अगर घर में शांति चाहिए तो ज्योतिषियों तांत्रिकों कभी घर में अंदर घुसने न देना,यह इसलिए भी संभव है क्योंकि कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ पूर्ती के लिए विषय को बकवास के रुप में प्रस्तुत किया है और उनका महज उद्देश्य धन कमाना होता है उदाहरण के लिए एक टेलीफोन मैंने TV चैनल के ज्योतिष प्रोग्राम प्रस्तोता के यहां किया और मैंने उनसे टाइम लेने की कोशिश की है मुझे जानकर बड़ा आश्चर्य हुआ कि उन्होंने मिलने के लिए और 10 मिनट देने के लिए ₹15000 एडवांस में जमा करने के लिए कहा, अब हम अंदाजा लगा सकते हैं कि जो विद्या हमारे महापुरूषों ने महज समाज की भलाई के लिए बनाई हो उसका हम आज के युग में किस तरह से दुरुपयोग कर रहे हैं यही कारण है कि समाज का इस विषय पर विश्वास ही लगभग उठता चला जा रहा है इस विषय पर मेरे कुछ रोमांचकारी अनुभव रहे हैं उन्हें आपके साथ आने वाले दिनों में शेयर कर के देखेंगे कि क्या यह विषय केवल बकवास है या इसमें कुछ ना कुछ रहस्य हैक्योंकि दुनिया जैसा की कवियों ने कहा है कि रहस्यमई दुनिया है जिसकी प्याज की परतों की तरह एक दूसरे की परत हटती जाती है और हम को नई और सुंदर चीजें देखने को मिलती है तो आइए चलिए एक नए सफर पर अपने अनुभव एक दूसरे से बांटते हुए और देखें कुछ ना कुछ तो अवश्य जो हमारे महापुरूषों ने एक विद्या को हमारे समक्ष रखा और वेस्ट आज भी कहता है कि this is a gift to the world by India.
Archna Raj.
Srajan (E-Magazine): 650-----Jeevanpath
Srajan (E-Magazine): 650-----Jeevanpath: But still bold and brave they are Enemies can’t waiver their will power The tit for tat goes the way Rains of the fire always show...
650-----Jeevanpath
But
still bold and brave they are
Enemies
can’t waiver their will power
The
tit for tat goes the way
Rains
of the fire always shower
131
It
makes all fear and shiver
Ever-ready
are they
No
laxity is for anyone
Their
life goes this way
132
The
people merely bow their heads,
Indebted
for ever are they
This
can not be repaid
with
pride Everyone accept & say
133
Those
sacrificed deserve our attention
Their
sacrifice is ever fresh & shining
The
country and people always remember
They
are on black clouds like golden lining
134
You
are the symbol of Dharma, Arjun,
A-dharma
needs to be finished
The
rewards don’t come to your wish
But Bad
ones need to be diminished
135
to be continued by Archna Raj
Wednesday, 16 August 2017
Srajan (E-Magazine): 649----Jeevanpath
Srajan (E-Magazine): 649----Jeevanpath: Innumerable appear on the stage Innumerable wait for their turn to come Innumerable disappear from the stage But still life a ...
649----Jeevanpath
Innumerable
appear on the stage
Innumerable
wait for their turn to come
Innumerable
disappear from the stage
But still
life a burden is for some
126
Keep
it in mind ,Arjun
Do
or not to do is your weakness
Be
decisive for the action
Be
active and understand your weakness
127
Useless
to put forth now
The
views those disturb thee
Time
is for the action,
When
shall be confirmed to me
128
You
understand this ,Arjun
People
are safe and secure
For
Boundaries claim a soldier’s pain
Bring
it to the mind of your
129
They
laugh and work the hard life
For
they know it too
The
last moment may be ;
Suddenly
for them to see
130
To be continued by Archna Raj
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