Sunday, 29 January 2017

Srajan (E-Magazine): 454-----आज का चिन्तन -------

Srajan (E-Magazine): 454-----आज का चिन्तन -------: आज का चिन्तन ----- -- मानवता का हवाला देते हुए सुशान्त सिंह राजपूत (Bollywood Hero) का दिल टूटा ----- नाम के आगे राजपूत न...

454-----आज का चिन्तन -------

आज का चिन्तन -------
मानवता का हवाला देते हुए सुशान्त सिंह राजपूत(Bollywood Hero) का दिल टूटा----- नाम के आगे राजपूत नहीं लिखेगें -------
राणा सांगा के 80 घाव ,
महाराणा प्रताप के 40 घाव ,
चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के 20घाव -------मैदाने जंग------- 
लेकिन ज्यचन्द और मानसिंह सब धो दिये-----
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मानवता का पाठ खिल जी को ,हाय ! नहीं पढाया वरना जौहर नहीं होता -------आज के खिलजी को तो पत्र करनी सेना सितम्बर में ही लिखी थी अब अवार्ड-वापसी का इन्तजार और है


Srajan (E-Magazine): 453---- आज की बात

Srajan (E-Magazine): 453---- आज की बात:   आज की बात छात्र का प्रश्न ----- नवाचार ------ मतलव नव----नवीन आचार -- आचर ण - 1- परिवर्तन ------------ पूर्व स्थापित ...

453---- आज की बात


 आज की बात
छात्र का प्रश्न -----
नवाचार ------मतलव
नव----नवीन
आचार --आचर ण-
1-परिवर्तन ------------पूर्व स्थापित विधि,कार्यक्रम, परम्परा,
2---------जीवन्त एवं समयाकुल होना चाहिए
3----विचार कार्यक्रम विधि एवं तकनीकी समावेश एवं प्रयोग
4--- परिणामस्वरूप नूतन प्रवृत्ति ]प्रयोग एवं सिद्धान्त का उदगम
5-----नवीन एवं विशिष्ट परिवर्तन एवं उद्देश्यों की प्राप्ति
6----नया विचार ,सचेतन एवं सप्रयास
7----विशिष्टता के तत्व लोच ,गत्यात्मकता एवं उत्प्रेरण के गुण
8---प्रचलित प्रणाली में सुधार
9---- जंन आंकाक्षाओं की प्रतिपूर्ति
10---आवश्यकता एवं परिस्थितिजन्य
11---- श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त करने का प्रयास
(To be continued)


Srajan (E-Magazine): Srajan (E-Magazine): 451---रानी पदमावती

Srajan (E-Magazine): Srajan (E-Magazine): 451---रानी पदमावती: Srajan (E-Magazine): 451---रानी पदमावती : अपने ससुर जलालुद्दीन खिलजी की हत्या के बाद अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली की सल्तनत का सुल्तान बना चित्त...

0452----आज का गीता जीवन पथ

आज का गीता जीवन पथ
सप्तम अध्याय 
जय श्री कृष्णा.
सबका भला हो !
(समर्पित है देश के सभी प्रशासनिक अधिका रिओं के नाम; सरहद परसेना ,घर में इनका कार्य व व्यवहार
,जिनकी सेवाओ से हम प्रेरित व सुरक्षित हैं)


हे अर्जुन !परम तत्व से मैं प्रकाशित ,
जल में रस ,सूर्य में प्रकाश 
वेदों में ओंकार हूँ मैं ,
प्रकाशित होता जग ,आकाश
7/11
भ्रम में रहना नहीं सार्थक ,
आकाश से ही शब्द मिलते 
चांद चमकता रातों में 
पुरूष तत्व भी मुझसे रहते 
7/12
स्पर्श ,रस ,गन्ध ,अग्नि ,
भूतों में भी परम तत्व 
तप में वास है मेरा 
कितना बड़ा है इसका महत्व 
(भूतों में all the past ;simple thinking presents all the things occurred)
7/13
तेज हूं मैं तेजस्वी का ,
पाता बुद्धि बुद्धिमान 
भूतों का बीज सनातन 
इसको भी ;अब तू जान 
7/14
भरत श्रेष्ठ बलवानों का आसक्ति 
सामर्थ कामना रहित हूं मैं 
धर्म के अनूकूल भूतों में
धर्मसम्मत काम हूं मैं
7/15
शेष कल
मेरी विनती
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(अर्चना व राज)
नोट- जो लोग जातिवाद कहते हैं,उनके लिए जरूरी है कि वे कृष्णा धारा से जुड़े I
कृष्णा ने मानव कल्याण की ही बात की हैं जातिवाद खुद ब खुद समाप्त हो जायेगा

Saturday, 28 January 2017

Srajan (E-Magazine): 451---रानी पदमावती

Srajan (E-Magazine): 451---रानी पदमावती: अपने ससुर जलालुद्दीन खिलजी की हत्या के बाद अलाउद्दीन खिलजी दिल्ली की सल्तनत का सुल्तान बना चित्तोड़ पर कब्जा खिलजी का ...