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Sunday, 26 February 2017
Srajan (E-Magazine): 499-जब मैं बुढढा हो जाऊंगा,
Srajan (E-Magazine): 499-जब मैं बुढढा हो जाऊंगा,: To my Father at the age of 90 years My Father at the Age of 89 years What shall happen to me than----? जब मैं बुढढा हो जाऊंगा, श...
499-जब मैं बुढढा हो जाऊंगा,
To my Father at the age of 90 years
My Father at the Age of 89 years
What shall happen to me than----?
जब मैं बुढढा हो जाऊंगा,
शरीर ना देगा मेरा साथ I
चलना फिरना मुश्किल होगा,
ना काम करेगें मेरे हाथ II (1)
दांत कूद बाहर आयेगें ,
आवाज करेगी ,जैसे बजता भोंप्रू,
“क्या बकते हो बुढऊ दिनभर,”
किसको सोचूं काम ; मैं सौपूं II(2)
सब इतरायगें , दूरी बढायेंगें,
महसूस करूंगा" मैं हूं अकेला",
जवान चलेगें समय जवानी,
समझ से बाहर मैं अलबेला"II(3)
दादा नाना की कहानी,
अब छीन लिया है टी०वी०,
बच्चे देखेगें कार्दून,
दूर रहेगी मेरी बीबीII(4)
उपदेश मिलेगें फ्री में मुझको,
मेरा अनुभव गया गर्त में,
हांरूगा मैं बच्चों बीच ,
सब कुछ गवां के उनकी शर्त में II(5)
फिल्मी गाने दूर रहेगे..
घर बनेगा बहू बेटी का
''कुछ भी बोलो, सोचो पहले",
लगेगें' अचार बना टेंटी का', II(6)
फिल्म देखना भी मुश्किल,
गाना गाना करे बदनाम
बुढऊ गये सठियाय,
तरह तरह के मिलेगें नाम II(7)
प्रेम फलांगें मारेगा,
दिल्र बुढढा बन जायेगा,
जो भी सोचूं कह नहीं सकता
दिल मेरा घबरायेगा, II(8)
खांशी बनेगी शरीर की साथी,
बुखार करेगा मुझे कमजोर,
दवा का अम्बार घर होगा,
नब्ज चलेगी ;पड़ेगा जोर II(9)
पैसा जेब में न रक्खा तो,
बच्चे बाहर कर देगें ,
कुछ कहेगें मथुरा जाओ ,
कुछ दारिका,हरिदार भेजेगें II(10)
सब से कठिन परीक्षा ; जीवन की,
उपदेश सभी ने यही कहे ,
यही सोच घबरा जाता हूँ ,
बुढ़ापा जीवन से,हाय !दूर रहे II(11)
भारत की महिला बीबी है,
सदा चले आदर्शो पर,
महा मूर्ख वे बन्दे है,
कोहराम मचाते अपने घर II(12)
सबसे अच्छा यही रास्ता,
कब्जा मकान पे अभी जमाना,
कहें गुलाम बीबी का,!
अब जीवन उसके साथ निभाना II(13)
कहें 'गर्व से स्वयं ही हम ,
हां! बीबी के हम हैं गुलाम,
कटेगा बुढापा शान्ति से,
शान्ति से होगी जीवन की शाम,(14)
(अर्चना व राज)
Srajan (E-Magazine): 498----आज का गीता जीवन पथ
Srajan (E-Magazine): 498----आज का गीता जीवन पथ: आज का गीता जीवन पथ नवम अध्याय जय श्री कृष्णा . सबका भला हो ! ( समर्पित है देश के मजदूर के नाम ; गर्मी, सर्द...
498----आज का गीता जीवन पथ
आज का गीता जीवन पथ
नवम अध्याय
जय श्री कृष्णा.
जय श्री कृष्णा.
सबका भला हो
!
(समर्पित है देश के मजदूर के नाम ;गर्मी, सर्दी या बरसात ;उनकी महनत व परिश्रम के प्रतिफल जीवन चलता है हम,जिनकी सेवाओ से
प्रेरित व सुरक्षित हैं, हर काम समय पर
होता हैं)
सारे जीव जन्तु
जगत में
प्राप्त अन्त
में मुझको होते
सदगति /दुगर्ति
यहीं लिखी है
भूल समझने में
हम करते
9/41
छोड़ सभी दुखों
के लाले ,
राजा हो या रंक
यहां
सुख दुख के सभी
झमेले !
भटक रहे हैं
सारे जहां
9/42
क्षणभंगुर जीवन है ,पार्थ
पल मे “है ” बदलता
वो भी शख्स जगत मे था !
यादों में ये जीवन रहता
9/43
सुनो, पार्थ
! मोह को त्यागो
सब कुछ अर्पति
मुझ में कर
अन्त भला तो
सब भला !
तैयार रहो तुम
,युद्ध कर !
9/44
पूजन चिन्तन
मुझमें निहित
अन्त में मुझको
प्राप्त कर
मायामोह की दुनिया
है
समझो इसको युद्ध
कर !
9/45
मानवता रहे सलामत
लाखों वर्षों दुनिया चलती
जरा सी चूक ,पार्थ
नुकसान बड़ा
भारी करती
9/46
अध्याय समाप्त
मेरी विनती
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(अर्चना व राज)
नोट- जो लोग जातिवाद कहते हैं,उनके लिए जरूरी है कि वे कृष्णा धारा से जुड़े I
कृष्णा ने मानव कल्याण की ही बात की हैं जातिवाद खुद ब खुद समाप्त हो जायेगा
Saturday, 25 February 2017
Srajan (E-Magazine): 497-----आज का गीता जीवन पथ
Srajan (E-Magazine): 497-----आज का गीता जीवन पथ: आज का गीता जीवन पथ नवम अध्याय जय श्री कृष्णा . सबका भला हो ! ( समर्पित है देश के मजदूर के नाम ; गर्मी, सर्द...
497-----आज का गीता जीवन पथ
आज का गीता जीवन पथ
नवम अध्याय
जय श्री कृष्णा.
जय श्री कृष्णा.
सबका भला हो
!
(समर्पित है देश के मजदूर के नाम ;गर्मी, सर्दी या बरसात ;उनकी महनत व परिश्रम के प्रतिफल जीवन चलता है हम,जिनकी सेवाओ से
प्रेरित व सुरक्षित हैं, हर काम समय पर
होता हैं)
महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं !!
ज्ञानी जन समझें
इस को ,
मूल भाव में
क्या सत्यता
यज्ञ बनाते माध्यम
अपना
रहस्य छिपा है
वही समझता
9/36
देव समान वे
पुरुष जहां में
हर मुकाम को
पाते जाते
जीवन उनका औरों
को हैं
देव समान वे
फल भी पाते
9/37
हर काम से (उनको)
पुन्य मिलता
कष्ट सभी का सहते हैं
उनकों उनके क
र्मों
का फल
जीवन में ही
मिलते हैं
9/38
बुरा कभी न करते
वे ,
द्वेष भाव से
दूर वे रहते
सबको सुख देने का ध्येय !,
जन-2 उनकी चर्चा
करते
9/39
नहीं चाहिए उनको
कुछ
दिन रात भजन
भी मेरा करते
योगों की सिद्धि
मिलती
दिल भी द्रवित मेरा करते
9/40
शेष कल
मेरी विनती
कृपा तेरी काफी है ,प्रत्यक्ष प्रमाण मैं देता
जब-2 विपदा ने घेरा ,गिर ने कभी ना तू देता
साथ मेरे जो पाठ है करते ,कृपा बरसते रखना तू
हर विपदा से उन्है बचाना ,बस ध्यान में रखना कृष्ना तू
निपट निरक्षर अज्ञानी है हम ,किससे, क्या लेना, क्या देना I
कृपा बनाये रखना, कृष्णा, शरणागत बस अपनी लेना II
(अर्चना व राज)
नोट- जो लोग जातिवाद कहते हैं,उनके लिए जरूरी है कि वे कृष्णा धारा से जुड़े I
कृष्णा ने मानव कल्याण की ही बात की हैं जातिवाद खुद ब खुद समाप्त हो जायेगा
Friday, 24 February 2017
Srajan (E-Magazine): 496----- Neglect spending at home
Srajan (E-Magazine): 496----- Neglect spending at home: O ! we neglect spending at home and it is also very important,as we wait for Govt budget throughout the year ,our home also requires intell...
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